कोरोना वायरस के दौर में बेरोजगारी
भारत में कोरोना वायरस ने ना केवल सेहत बल्कि जेब पर भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है. इसकी वजह से लाखों-करोड़ों लोगों की नौकरियां जा रही हैं और कोई कुछ नहीं कर पा रहा. सरकार ने कहा था कि कंपनियां अपने यहां काम करने वाले लोगों को ना निकाले , तनख्वाह ना काटे , लेकिन ये निर्देश धरे के धरे रह गए हैं. इसलिए ये सवाल उठ रहा है कि कोरोना जब तक काबू आएगा कितने लोग बेरोज़गार हो चुके होंगे. कोरोना वायरस के प्रसार के साथ ही लगभग हर हफ्ते किसी न किसी क्षेत्र से हजारों कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी देने , नौकरियों से निकालने , वेतन में भारी कटौती की खबरें आ रही हैं. माल्स , रेस्तरां , बार , होटल सब बंद हैं , विमान सेवाओं और अन्य आवाजही के साधनों पर रोक लगी हुई है. फ़ैक्टरियां , कारखाने सभी ठप पड़े हैं. ऐसे में संस्थान लगातार लोगों की छंटनी कर रहे हैं और हर कोई इसी डर के साये में जी रहा है कि न जाने कब उसकी नौकरी चली जाए. इसके अलावा स्वरोजगार में लगे लोग , छोटे-मोटे काम धंधे करके परिवार चलाने वाले लोग सभी घर में बैठे हैं और उनकी आमदनी का कोई स्रोत नहीं है. बॉस्टन कॉलेज में...